
दिल्ली सीएम आतिशी.
दिल्ली सीएम आतिशी ने बुधवार को 5 Editors के साथ Exclusive इंटरव्यू में बताया कि आखिर उन्होंने अपना नाम क्यों बदला? सीएम आतिशी ने दिल्ली राजनीति, आम आदमी पार्टी के नेताओं पर लग रहे आरोप, शीशमहल समेत कई सवालों के बेबाक जवाब दिए और राजनीति में उनकी एंट्री कैसे हुई ये भी बताया.
सीएम आतिशी ने जब पूछा गया कि जब वह राजनीति में आईं तो उनका नाम आतिशी मार्लेना था, बाद में उन्होंने अपना नाम क्यों बदला? इस परआतिशी ने कहा कि मेरा सरनेम सिंह हैं, जब मैं राजनीति में आई तब मेरे काम से ज्यादा मेरे नाम पर बात होती थी, जबकि मुझे हमेशा से लगता था कि नाम से ज्यादा काम पर बात होनी चाहिए. इसीलिए मैंने नाम में बदलाव किया.
नाम बदलने में पिता की सहमति थी या नहीं?
इस सवाल के जवाब में आतिशी ने कहा कि युवाओं में कौन सा एक्शन ऐसा होता है जिसमे उनके माता-पिता की सहमति होती है, युवा क्रांतिकारी होते हैं, वो कुछ अलग करना चाहते हैं, आप दुनिया का इतिहास उठाकर देख लीजिए, जो भी बड़े बदलाव हुए हैं वे युवाओं ने ही किए हैं. आज जब मैं रिपब्लिक डे के कैंप में थी, मैंने युवाओं से बात की और उनसे कहा कि भगत सिंह उनकी उम्र के थे, जब फांसी पर चढ़ गए थे. युवा की जो ताकत है वो आइडियलिज्म से आती है वो कुछ करना चाहते हैं बदलाव लाना चाहते हैं, ऐसे में वो निर्णय लेते हैं, जो सही भी हो सकता है और गलत भी.
राजनीति में कैसे हुई एंट्री?
इस सवाल पर दिल्ली सीएम आतिशी ने कहा कि बचपन से मुझे देश के लिए कुछ करना था, ये पता नहीं था कि क्या करना है, पर ये कभी नहीं सोचा था कि राजनीति में आऊंगी, क्योंकि एक सामान्य परिवार में बच्चों से कहा जाता है कि राजनीति गंदी होती है. जब अन्ना हजारे आंदोलन शुरू हुआ तब में भोपाल के पास एक गांव में थी, मैंने देखा कि कितने लोग सड़कों पर आए, यह एक महायज्ञ था, मुझे लगा कि हर व्यक्ति को इसमें योगदान देना चाहिए, ऐसे ही एक कार्यकर्ता के तौर पर मैंने काम शुरू किया.
बदलाव के लिए राजनीति से बड़ा कोई जरिया नहीं
सीएम आतिशी ने कहा कि 2013 में पहला चुनाव लड़ा था तब मैं बिल्कुल एक आम कार्यकर्ता थी, उस दौर को देखिए तो बहुत सारे लोग अपना काम और नौकरियां छोड़कर देश के अलग अलग हिस्सों से आए थे, तब लगा था कि आम आदमी पार्टी कुछ बड़ा करने की कोशिश कर रही है तो मदद करनी चाहिए. मैं उस समय एक वालंटियर के तौर पर मदद देने आई थी, लेकिन तब लगा कि अगर देश में कुछ बदलाव लाना है तो राजनीति से बड़ा कोई जरिया नहीं है.
– India Samachar
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