सांकेतिक तस्वीर
यूपी के गाजीपुर में साइबर लुटेरों ने दसवीं में पढ़ने वाली 16 साल की शिवानी गुप्ता से उसकी आखिरी जमापूंजी भी छीन ली. उसने किशोरी को पहले फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और फिर दोस्ती के बदले विदेश से सामान भेजने के नाम पर 2.17 लाख रुपये ठग लिए. किशोरी के परिजनों ने साइबर थाने में गुहार लगाई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. किशोरी के पिता ट्रेन में चाय बेचते थे. एक हादसे में उनका पैर कट गया तो गांव में ही दुकान कर चाय बेचने लगे. कुछ दिनों पहले उनका निधन हो गया था. उन्होंने परिवार के लिए जो जमा पूंजी रखी थी, साइबर अपराधी ने बेटी से वह भी ठग लिया.
सावधानी हटी दुर्घटना घटी यह स्लोगन बहुत पुराना भले ही हो लेकिन आजकल साइबर क्राइम को लेकर सटीक बैठ रही है. थोड़ी सी लापरवाही करने पर लोगों का बैंक अकाउंट कब खाली हो जा रहा है पता ही नहीं चल पा रहा है. ऐसा ही कुछ कासिमाबाद थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गांव की उस बेटी के साथ हुआ जिसके पिता की मौत कुछ महीने पहले हुई थी. पिता चाय बेचकर बेटी के हाथ पीले करने के लिए कुछ पैसे उसके खाते में जमा किए थे.
16 साल की शिवानी गुप्ता फिलहाल हाई स्कूल में पढ़ रही है. उसके व्हाट्सएप पर पिछले हफ्ते किसी ने गुड मॉर्निंग का मैसेज भेजा था. उसने भी जवाब दे दिया और दोनों तरफ से मैसेज का आदान-प्रदान शुरू हुआ. मैसेज करने वाले ने अपने आप को इंग्लैंड का निवासी बताया. दोस्ती में गिफ्ट देने की बात कही. शिवानी ने बार-बार गिफ्ट के लिए इनकार किया लेकिन उसने जिद कर कीमती हार, कपड़ा और अन्य सामान गिफ्ट के तौर पर भेजने की बात बोली. उसकी तस्वीर भी व्हाट्सएप के माध्यम से शिवानी को भेजा.
गिफ्ट का सामान भेजने के बाद उसने मैसेज किया कि समान दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग के अधिकारियों के द्वारा पकड़ लिया गया है. कीमत अधिक होने के कारण छुड़ाने के लिए पैसे देने होंगे. इस झांसे में किशोरी आ गई और उसने जलसाजों को विभिन्न खातों में से करीब 2 लाख भेज दिए. पैसे भेजने के काफी दिनों के बाद भी सामान की डिलीवरी उसके पास नहीं हुई. जब उसने अपने मित्र के पास फोन किया और बताया तो उसे उधर से धमकियां दी जाने लगीं. उसे समझ में आया कि वह साइबर ठगी की शिकार हो गई है. उसके बाद उसने कासिमाबाद पुलिस को लिखित शिकायत की है. जिसके बाद कासिमाबाद पुलिस भी इस मामले की जांच में जुट गई है.
– India Samachar
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