नूंह। एक कलयुगी विवाहिता बेटी द्वारा अपने गांव के ही निवासी पुराने आशिक संग मिलकर अपनी सगी मां की हत्या कर मां बेटी जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित करने का मामला सामने आया है। फिलहाल पुलिस ने मृतिका के देवर की शिकायत पर आरोपित बेटी उसके प्रेमी सहित एक अन्य युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन, अभी तक किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस जांच अधिकारी ने बताया कि हरियाणा के नूंह जिले के सदर थाना क्षेत्र के अलावलपुर गांव में एक विवाहिता प्रेमिका ने अपने दो आशिकों के साथ मिलकर अपनी मां 45 वर्षीय रुकसाना को पहले तो पेय पदार्थ में नशीली चीज खिलाई। बाद मां के बेहोश होने पर आशिक ने प्रेमिका के साथ संबंध बनाए। इसी बीच मां के होश में आने पर मां ने विरोध किया तो अवैध संबंधों की पोल खुलने के डर से तीनों ने मिलकर घर में रखे तकिये से गला दबाकर रुकसाना की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आशिक वहां से चले गए, लेकिन बेटी ने अपनी मौसी को मौत की खबर फोन पर दी। फोन पर बेटी ने इस प्रकार बातचीत की, ताकि मौत एक हादसा लगे।
घटना की सूचना मिलने मौके पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल भिजवा दिया है। मृतक रुकसाना के देवर नोमान की शिकायत पर पुलिस ने अलालपुर गांव के रहने वाले जावेद व उसकी माशूका मुस्कान तथा दो तीन अन्य के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कर लिया है। मृतका के शव को पुलिस ने मेडिकल परीक्षण के लिए नूंह के अस्पताल में रखवाया है। जिसका मंगलवार को मेडिकल परीक्षण कराया।
अलावलपुर गांव के नोमान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उनका बडा भाई इजहार ट्रक ड्राइवर है। उसकी एक बेटी मुस्कान है, जिसकी उम्र 20 वर्ष है। कुछ महीने पहले ही मुस्कान की शादी समीप के गांव मलाई में की गई थी। शिकायत में कहा कि उनके ही गांव के जावेद के मुस्कान के साथ पहले से ही अवैध संबंध थे। इस बारे में कई बार आरोपी के स्वजन से शिकायत भी की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।
तीन-चार अक्टूबर की रात को जावेद उसके दो-तीन साथियों ने मुस्कान के साथ मिलकर रुकसाना की हत्या कर दी।
पुलिस जांच अधिकारी संजीव कुमार का कहना है कि पुलिस ने मृतका के देवर की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
ये भी पढ़ें – अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए हमारा एप्प डाउनलोड करें |
Copyright Disclaimer Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing. Non-profit, educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Source link