Home Agra शाह संदीलवी की फ़ातिहा ख़्वानी दरगाह मरकज़ साबरी पर

शाह संदीलवी की फ़ातिहा ख़्वानी दरगाह मरकज़ साबरी पर

शाह संदीलवी की फ़ातिहा ख़्वानी दरगाह मरकज़ साबरी पर
आगरा :- दरगाह हज़रत ख्वाजा शैख़ सय्यद फतिहउद्दीन बल्खी अलमारूफ़ ताराशाह चिश्ती साबरी कम्पाउन्ड आगरा क्लब में किबला-ए-आज़म इफ्तिखार इल्म-ओ-उलमा सय्यदना व मुर्शिदना व मौलाना सय्यद मुहम्मद रज़ा शाह संदीलवी रहमतुल्लाह अलैह की 23वीं शरीफ की फ़ातिहा ख़्वानी बुज़ुर्गों के रस्मो रिवाज़ के मुताबिक मनाई गई । सबसे पहले तोशा शरीफ़ और तबर्रुकात पर तिलावत-ए-क़ुरआन करके फ़ातिहा ख़्वानी हुई और सिलसिले का शजरा पढ़ा गया ।
उसके बाद दरबारे  मरकज़ साबरी के सज्जादानशीं पीर -ए-तरीक़त आल -ए-पंजतनी पीर अलहाज तसद्दुक हुसैन अलमारूफ़ रमज़ान अली शाह ने हाजरीन की तरक्की और मुल्क के अमन चैन की दुआ करते हुए कहा कि बुज़ुर्गों की फ़ातिहा ख़्वानी रूहानियत और नुरानियत कि बारिश होती है जिससे लोगों के दिलों को सुकून और फैज़ हासिल होता है । इनके दरबारों से एकता और मुहब्बत का पैगाम दिया जाता है और भाईचारे से रहने की तालीम दी जाती है । दुआ करने के बाद मशहूर शायरों जनाब शाहिद नदीम अकबराबादी, महमूद अकबराबादी, अंजुम अकबराबादी ने बुज़ुर्गों की बरगाह में अपने बेहतरीन कलाम पेश किए  ।
कार्यक्रम का संचालन मरकज़ साबरी के महासचिव विजय कुमार जैन ने किया । कार्यक्रम के बाद हजरीनो को तबर्रुक तक़सीम किया गया ।  फ़ातिहा ख़्वानी के कार्यक्रम में सर्वश्री बुन्दू खान , हाजी इमरान अली शाह , हाजी कासिम अली शाह , हाफ़िज़  इस्लाम कादरी , रमज़ान खान , अब्दुल सईद खान , तरुण साबरी, करुण साबरी, रफीक साबरी , ज़हीर साबरी, नासिर साबरी, राजकुमार साबरी, शाकिर साबरी, एस0 के0 सिंह , शोभित , पं जगदीश प्रसाद , बशीर साबरी , सलमान साबरी , राजकुमारी, गुरुप्यारी, सरोज बाथम, माया देवी, कमलेश जैन आदि लोग उपस्थित रहे