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महराजगंज/रायबरेली सुरक्षित राजस्व की भूमि पर भू माफियाओं का कब्जा

महराजगंज/रायबरेली रिपोर्ट कमल सिंह :- तहसील मुख्यालय से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अतरेहटा ग्राम सभा जोकि नगर पंचायत महराजगंज से जुड़ी हुई ग्राम सभा है जोकि उपनगरीय क्षेत्र माना गया है यहां जमीनों की कीमत नगरी क्षेत्र भूमि के बराबर और बेशकीमती है।

बीते कई वर्षों से अतरेहटा ग्राम सभा की सुरक्षित राजस्व की भूमि पर लगातार भू माफियाओं का कब्जा होता जा रहा है। जिस पर प्रशासन की मिलीभगत कहें या फिर प्रशासन की मौन स्वीकृति लेकिन भू माफिया लगातार अपने मंसूबों पर कामयाब होते जा रहे हैं। ताजा मामला महराजगंज चंदापुर रोड स्थित एक मकान का है जोकि सरकारी भूमि पर स्थित है और यह मकान अतरेहटा ग्राम सभा की वर्तमान प्रधान उर्मिला यादव के पति पप्पू यादव का बताया जा रहा है जोकि लाखों की कीमत की सरकारी भूमि पर स्थित है

जिस पर पूर्व में भी तहसील प्रशासन द्वारा कड़ी कार्यवाही करते हुए ग्राम प्रधान पति द्वारा किए गए निर्माण को जमींदोज कर दिया गया था लेकिन पुनः उसी भूमि पर पहले से अधिक व्यापक निर्माण ग्राम प्रधान पति पप्पू यादव द्वारा किया गया जोकि मौजूदा तहसील प्रशासन अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद भी पप्पू यादव का उक्त सरकारी भूमि पर लगातार निर्माण होता रहा और आज दो मंजिला मकान सरकारी भूमि पर पप्पू यादव द्वारा निर्मित कर लिया गया।

जहां पर लाखों का व्यापार आज भी चल रहा है लेकिन तहसील प्रशासन पहले की तरह आज भी ऐसे भू माफियाओं के आगे पूरी तरह से नतमस्तक खड़ा है वहीं मौजूदा हल्का लेखपाल आद्या प्रसाद ने बताया कि भू माफिया को भू राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत पाबंद किया गया है।वहीं हाईकोर्ट निर्देशानुसार तहसीलदार (सहायक कलेक्टर) को राजस्व संहिता के तहत सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने तथा अतिक्रमण से हुए नुकसान का मुआवजा वसूल करने का अधिकार है। संहिता की धारा 67 के तहत तहसीलदारअपने अधिकारों का प्रयोग करते हुये नुकसान की वसूली भू राजस्व की तरह कर सकता है।